बरेली में एक लेखपाल की हुई हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि 27 नवंबर से लापता लेखपाल मनीष कश्यप (45) का क्षत-विक्षत शव रविवार को छावनी क्षेत्र के बभिया गांव में एक नाले के पास मिला था। आर्य ने बताया कि इस मामले में रविवार को ही गिरफ्तार ओमवीर उर्फ अवधेश और उसके रिश्तेदार नन्हे कश्यप ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उन्होंने 27 नवंबर को चार लाख रुपये की फिरौती के लिए मनीष का अपहरण किया था। एसएसपी ने बताया कि बरामद शव मनीष का है लेकिन वैज्ञानिक पुष्टि के लिए उसका डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओमवीर को मनीष पहले से जानता था।
आर्य ने बताया कि ओमवीर हाल ही में जेल से रिहा हुआ था और आर्थिक संकट से जूझ रहा जिसकी वजह से उसने कश्यप का अपहरण करने और बाद में उसकी हत्या करने की योजना बनाई। पुलिस को उसके मोबाइल से दो ऑडियो क्लिप भी मिली हैं।
उन्होंने बताया कि घटना में शामिल दो अन्य आरोपी सूरज और नेत्रपाल फरार हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फरीदपुर तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात कश्यप गत 27 नवंबर को ड्यूटी के लिए घर से निकला था, जिसके बाद से वह लापता था। कश्यप की मां मोरकली ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने खल्लपुर गांव के एक स्थानीय प्रतिनिधि और उसके साथियों पर बेटे का अपहरण करने का आरोप लगाया था।
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘बरेली में कई दिनों से लापता लेखपाल का सिर नाले में मिलने के बाद परिजनों ने उत्तर प्रदेश के अंदर चल रही उस सांठगांठ पर अंदेशा जताया है जिसके एक छोर पर सरकारी भ्रष्टाचार है और दूसरे छोर पर भूमाफिया। भूमाफिया ही उत्तर प्रदेश की सरकार चला रहे हैं, बाक़ी सब तो चेहरे हैं।’’
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