GDP के आंकड़ों को मापने के तरीकों में बड़े बदलाव की तैयारी है। एक तो इसका आधार वर्ष बदला जाएगा और दूसरा इनमें ऐसे आंकड़ों को शामिल किया जाएजा जिन्हें इससे पहले के बदलावों में शामिल नहीं किया गया था। जानिए कि अब इसका आधार वर्ष यानी बेस ईयर क्या होगा और इनमें जो आंकड़े शामिल करने की योजना है, उससे क्या फायदा होगा?