जलवायु परिवर्तन के कारण समुदाय तहस-नहस हो रहे हैं, क़ीमतों में उछाल आ रहा है और इस संकट से निपटने के लिए आधे-अधूरे उपायों का युग अब बीत चुका है. ब्राज़ील के बेलेम शहर में इसी सन्देश के साथ सोमवार को यूएन के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप30) की शुरुआत हुई है, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, बाढ़, सूखा, तूफ़ान समेत चरम मौसम घटनाओं से निपटने के लिए सहनसक्षमता निर्माण और देशों के बीच सहयोग को मज़बूती देने जैसे समाधानों की पुकार लगाई गई है.