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बढ़ते व्यापार तनावों और नीति-सम्बन्धी अनिश्चितताओं के बीच, वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बेहद नाज़ुक पड़ाव पर पहुँच गई है और इस वर्ष इसकी रफ़्तार धीमी होने का अनुमान है. आर्थिक व सामाजिक मामलों के लिए यूएन कार्यालय (UN DESA) की एक नई रिपोर्ट में यह निष्कर्ष साझा किया गया है.