अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन अनुपस्थित मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में रहेंगे या हटाए जाएंगे? चुनाव आयोग ने साफ किया है कि सुनवाई पूरी हो चुकी है और अब अगला चरण शुरू होने जा रहा है। आयोग के अनुसार, 15 फरवरी से जांच प्रक्रिया शुरू होगी, जो करीब 7 दिनों तक चलेगी। इस दौरान यह तय किया जाएगा कि किन नामों को अंतिम मतदाता सूची में रखा जाएगा और किन्हें बाहर किया जाएगा। यही वजह है कि राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है