आशा वर्कर्स ने यह सवाल उठाया कि, क्या महज 1,000 रुपये बढ़ने से परिवार चल सकता है? उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में यह बढ़ोतरी ऊंट के मुंह में जीरे जैसी है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने दोबारा सड़क पर उतरकर सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा। बता दे कि बढ़ोतरी होने के बाद मानदेय 6,250 रुपए प्रति माह हो गए है