इस अहम बैठक में CPM के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती भी मौजूद थे। चर्चा का मुख्य मुद्दा यही रहा कि किस फॉर्मूले से 2026 के चुनाव में तृणमूल और भाजपा को टक्कर दी जा सके। वाम मोर्चा चाहता है कि पहले से तय उसकी पारंपरिक सीटों से कोई बड़ा समझौता न हो, जबकि ISF का तर्क है कि मज़बूत मुकाबले के लिए उसे ज़्यादा सीटों की ज़रूरत है