सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने फार्मा कंपनियों को 1 साल का मार्केटिंग खर्च बताने को कहा है। फार्मा कंपनियों के 31 जुलाई तक मार्केटिंग खर्च का ब्यौरा देना होगा। आदेश नहीं मानने वाली फार्मा कंपनियों पर सख्त कार्रवाई संभव है। बता दें कि फार्मा कंपनियां अक्सर डॉक्टरों को सम्मेलनों, सेमिनारों, कार्यशालाओं में भाग लेने के लिए तमाम फ्रीबीज देती हैं