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किसी कंपनी को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने का असर उसके कामकाज के साथ-साथ फाउंडर की जिंदगी पर भी पड़ सकता है। एग्रीटेक फाउंडर हरीश वरदराजन ने चेन्नई से बेंगलुरु शिफ्ट होने के एक साल बाद अपना एक्सपीरियंस शेयर किया। उनका कहना है कि इस बदलाव से उन्हें बिजनेस और प्राइवेट लाइफ, दोनों में फायदा मिला।