(खबरें अब आसान भाषा में)
डिमन ने कहा कि मौजूदा माहौल उन्हें 2008 के संकट से पहले के तीन सालों की याद दिलाता है। उस समय एसेट की कीमतें आसमान छू रही थीं और पूरे सिस्टम में लेवरेज बढ़ रहा था। उन्होंने आगे कहा कि इस समय भी कुछ कंपनियां तेज़ी से इंटरेस्ट इनकम के पीछे भाग रही हैं,भले ही उनको बहुत ज़्यादा रिस्क लेना पड़ रहा हो