Strategic Oil Reserves: भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 88% हिस्सा आयात करता है, ऐसे में युद्ध जैसी स्थिति में सुरक्षित भंडार ही काम आते हैं। भारत के पास विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में कुल 5.33 मिलियन टन की क्षमता वाले तीन भूमिगत भंडार हैं। फिलहाल इनमें सिर्फ 3.37 मिलियन टन यानी 64% तेल ही भरा है