प्रगति को आगे बढ़ाने में प्रवासन एक शक्तिशाली भूमिका निभा सकता है, मगर, यदि इसका समुचित प्रबन्धन न किया जाए या फिर उसे ग़लत अर्थों में प्रस्तुत किया जाए तो इससे नफ़रत व दरारों को हवा मिल सकती है और सुरक्षा व अवसरों की तलाश कर रहे लोगों का जीवन ख़तरे में पड़ सकता है. संयुक्त राष्ट्र के शीर्षतम अधिकारी एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार, 18 दिसम्बर, को ‘अन्तरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस’ पर अपने सन्देश में यह बात कही है.