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इससे रक्षा, लॉजिस्टिक्स और आपदा प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। जरूरत पड़ने पर यह डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट का विकल्प भी बनेगा। यहां 40 टन तक के फाइटर जेट और 74 टन तक के बड़े ट्रांसपोर्ट विमान उतर सकते हैं। भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी साल 2021 में राजस्थान के बाड़मेर जिले में शुरू हुई थी