(खबरें अब आसान भाषा में)
कॉरपोरेट ऑफिस की चमक-दमक, मोटी सैलरी और एयर-कंडीशंड मीटिंग रूम छोड़कर कोई कैमरा थाम ले.. फैशन इंडस्ट्री के ग्लैमर छोड़कर वक्त से पहले रिटायर हो जाए या फिर हाई-प्रोफाइल पोस्ट छोड़कर अपने शहर का इतिहास संजोने निकल पड़े। ये सुनने में किसी फिल्म की कहानी लगती है