केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को कहा कि पूरे भारत में चिह्नित 2,300 कूड़ाघरों में से 427 को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है, जिससे 4,500 एकड़ जमीन को कचरा मुक्त कराया गया और उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शेष स्थानों को अगले दो वर्षों में साफ कर दिया जाएगा।
मनोहर लाल ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कचरा मुक्त शहर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहल 2021 में शुरू हुई थी, उस समय केवल 18 प्रतिशत ठोस कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा था। आज यह आंकड़ा बढ़कर 73 प्रतिशत हो गया है।
उन्होंने कहा, ‘हम वर्तमान में प्रतिदिन 1.5 लाख टन ठोस कचरे का प्रसंस्करण कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि देश ने 2,300 कूड़ाघरों पर 22 करोड़ मीट्रिक टन कचरा पहुंच रहा है। कचरा मुक्त शहर बनाने की दिशा में देश की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, मनोहर लाल ने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए साफ की गई जमीन का एक महत्वपूर्ण हिस्से का पुनः इस्तेमाल किया गया है, जिसमें कचरे से बिजली बनाने की परियोजना भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि 427 कूड़ाघरों को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है, जबकि कई अन्य स्थानों को आंशिक रूप से साफ किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो वर्षों में सभी कूड़ाघर पूरी तरह साफ हो जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘इस साल, हमने एक योजना तैयार की है, जिसके तहत विभिन्न स्तर पर विकास के मामले में पहले स्थान पर आने वाले शहरों को ‘गोल्डन सिटी क्लब’ नामक एक अलग श्रेणी में रखा जाएगा।’ मनोहर लाल ने बताया, ‘हर साल शीर्ष रैकिंग वाला शहर गोल्डन सिटी क्लब में शामिल होगा और इस क्लब के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं होंगी।’