(खबरें अब आसान भाषा में)
कई मामलों में तो चुकाए नहीं गए बकाया पर इंटरेस्ट का अमाउंट बढ़कर ऑरिजिनल टैक्स अमाउंट से ज्यादा हो गया है। ये डिमांड्स अपने आप में सही हो सकते हैं। सालों पहले इश्यू किए गए नोटिसेज और एसेसमेंट ऑर्डर्स पर आधारित ये डिमांड्स डिपार्टमेंट की मुश्किल बढ़ा सकते हैं