(खबरें अब आसान भाषा में)
तुहिन कांत पांडे ने कहा कि शेयरधारकों के हितों को ध्यान में रखकर फैसले लिए जा रहे हैं। सरकारी कंपनियों के लिए नेटवर्थ शर्त आसान होने से कैपेक्स के लिए ज्यादा पैसा बचेगा। जिसके कंपनियां अपनी विकास योजनाओं पर ज्यादा खर्च कर पाएंगी। डिविडेंड कितना देना है इस पर अंतिम फैसला कंपनी का होगा