नई दिल्ली में पारम्परिक चिकित्सा पर हुई वैश्विक चर्चा ने यह स्पष्ट कर दिया कि कई देशों में यह पद्यति आज भी उपचार का पहला सहारा है. मगर इस चर्चा में कुछ ऐसे विचार उभर कर सामने आए कि पारम्परिक चिकित्सा पद्यति को, बड़े पैमाने पर सुरक्षित व भरोसेमन्द बनाने के लिए साक्ष्य, नियम, डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकों की भूमिका, अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है.