(खबरें अब आसान भाषा में)
पाकिस्तान में यौन हिंसा से उबरने की कोशिश कर रहे भुक्तभोगियों को, अब ऐसे संकट राहत केन्द्रों में उम्मीद और सहारा मिल रहे हैं, जहाँ एक ही जगह पर चिकित्सीय, क़ानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है.