West Bengal: परिवार का कहना है कि, दुर्जन मांझी का नाम ‘अनमैप्ड श्रेणी’ में आने के बाद उन्हें SIR सुनवाई के लिए नोटिस मिला था। सुनवाई सोमवार को होने वाली थी। घरवालों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद से ही वे लगातार तनाव में थे और बार-बार यह कहते थे कि कहीं उन्हें “बांग्लादेश भेज न दिया जाए।” परिवार का दावा है कि इसी डर के कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली