उत्तरी बंगाल को अक्सर “स्विंग जोन” यानी ऐसा इलाका कहा जाता है, जहां चुनावी रुझान जल्दी बदल जाते हैं। इसकी वजह भी साफ है—यहां के मतदाता हर कुछ चुनावों के बाद अपना समर्थन बदल देते हैं। जलपाईगुड़ी जैसे जिले इसका अच्छा उदाहरण हैं। यहां शहर के लोग, गांव की आबादी और चाय बागानों में काम करने वाले मजदूर—तीनों का मिला-जुला असर चुनावी माहौल को बहुत अनिश्चित बना देता है