(खबरें अब आसान भाषा में)
इस वर्ष की शुरुआत में संसद ने ऑयलफील्ड्स (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) अमेंडमेंट बिल पारित किया था। इसके बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नियमों के ड्राफ्ट पर कमेंट्स मांगे हैं। तेल और प्राकृतिक गैस के प्रोड्यूसर्स को पूर्व-अधिकार के समय के फेयर मार्केट प्राइस का भुगतान किया जाएगा