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हैदराबाद के एक सीनियर कंसल्टेंट का कहना है कि कंपनी के लॉन्ग-टर्म विजन में भरोसा होने के बावजूद, लंबे समय तक काम करने, वीकेंड पर भी काम करने और कम रिवॉर्ड मिलने की वजह से उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने एक फाइनेंस कंपनी जॉइन कर ली, जहां उन्हें बेहतर सैलरी और वर्क-लाइफ बैलेंस मिलता है।