(खबरें अब आसान भाषा में)
अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार, नवाचारी समाधानों के लिए बेहतर समर्थन और कारोबार से जुड़ी बाधाओं को कम करने से भारत की उत्पादकता वृद्धि में तेज़ी लाई जा सकती है, जिससे देश को विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी.