Jammu Kashmir Article 370 Controversy: जम्मू कश्मीर विधानसभा में अनुच्छेद 370 को लेकर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधानसभा सत्र के पांचवें दिन फिर अनुच्छेद 370 को लेकर भारी हंगामा हो गया, नौबत मारपीट की आ गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक एक दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते नजर आए। माननीयों ने अपनी गरिमा को तार-तार किया तो विधानसभा में तैनात मार्शलों ने हालात को संभाला।
बीजेपी आरोप लगा रही है कि कश्मीर को लेकर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस साजिश कर रही। कांग्रेस कश्मीर को तोड़ने का कारनामा कर रही। अनुच्छेद 370 को लेकर राहुल गांधी का भी अभी तक स्पष्ट बयान नहीं आया है। राहुल गांधी के रवैये पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में धारा 370 को लेकर राहुल गांधी अपना रुख स्पष्ट करें। राहुल गांधी जम्मू कश्मीर में धारा 370 लगाना चाहते हैं या नहीं, उन्हें अपनी बात रखनी चाहिए।
जिन्ना की आत्मा घुसी है
संभल पहुंचे कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि देश के कुछ नेताओं के अंदर जिन्ना की आत्मा घुसी हुई है। उन्होंने ‘बटेंगे तो कटेंगे नारे’ का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ना हम बंटने देंगे और ना ही कटने देंगे
आर्टिकल 370 पर मारामारी
आपका बतादें कि जम्मू कश्मीर में 10 साल बाद सरकार बनी है। लोकतंत्र तो जिंदा हो गया, लेकिन आर्टिकल 370 को अभी भी नेशनल कॉन्फ्रेंस, PDP और कांग्रेस के नेता भुला नहीं पाए हैं। विधानसभा में जो ये बवाल हुआ है। उसकी जड़ वही अनुच्छेद 370 है जिसे मोदी सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को संविधान में संसोधन करके खत्म कर दिया था, लेकिन अब उसी आर्टिकल 370 पर मारामारी मची है।
कॉलर पकड़कर दे दनादन
शुक्रवार को जब जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सत्र शुरू हुआ, तो PDP विधायकों की तरफ से अनुच्छेद 370 की बहाली से जुड़े बैनर दिखाए गए। जिसके बाद बीजेपी विधायकों ने आर्टिकल 370 को लेकर लाए गए प्रस्ताव का विरोध करना शुरू कर दिया।फिर क्या था सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक एक दूसरे से भिड़ गए। विधायकों ने एक दूसरे की कॉलर पकड़ लिए और दे दनादन शुरू हो गया। जो अपने विरोधी को जितना मार पाया, उतने घूंसे लगा दिए। देखते ही देखते बवाल इतना बढ़ा कि स्पीकर को हंगामा करने वाले विधायकों को बाहर निकालने का आदेश देना पड़ा। जिसके बाद मार्शलों ने 12 विपक्षी विधायकों और लंगेट विधायक शेख खुर्शीद को सदन से बाहर निकाल दिया, तब जाकर हंगामा शांत हो पाया।
इससे पहले गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही हंगामा विधानसभा में देखने को मिला था। कुछ ऐसी ही हाथापाई हुई थी, जिसके बाद सदन को स्थगित कर दिया गया था। पिछले 2 दिनों से मारपीट की जो तस्वीरें लोकतंत्र के मंदिर से आ रही हैं वो वाकई शर्मसार करने वाली हैं। शर्म आनी चाहिए उन विधायकों को जो लोकतंत्र के मंदिर में खड़े होकर सदन की मर्यादा को तार-तार कर रहे हैं।
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