Devkinandan thakur sanatan board: प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने हाल ही में अपने एक कार्यक्रम में देश के बंटवारे और धार्मिक विवादों पर विवादित बयान दिए। उन्होंने कहा कि अगर 1947 में बंटवारा पूरी तरह हुआ होता तो आज भारत में शांति होती। ठाकुर महाराज का कहना है कि नेहरू जी ने हिंदुओं के साथ न्याय नहीं किया, जिसके चलते आज भी कई धार्मिक विवाद देश को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर मस्जिदें सरकार के कब्जे में नहीं हैं, तो मंदिर क्यों सरकार के नियंत्रण में हैं? देवकीनंदन ठाकुर का कहना है कि या तो वक्फ बोर्ड को खत्म किया जाए या फिर सनातन बोर्ड का गठन किया जाए।
देवकीनंदन ठाकुर ने मदरसों में पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां बच्चों को ‘गजवा ए हिंद’ की शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हिंदू भी ऐसी शिक्षा देते, तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता।
महाकुंभ और तिरुपति बालाजी विवाद
आगामी महाकुंभ मेले को लेकर ठाकुर महाराज ने योगी सरकार से अपील की कि सिर्फ उन्हीं को दुकान लगाने की अनुमति दी जाए जो सनातन धर्म का पालन करते हैं। उन्होंने तिरुपति बालाजी मंदिर में हुए कथित विवाद का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।
कृष्ण जन्मभूमि विवाद
ठाकुर ने 2027 तक कृष्ण जन्मभूमि विवाद का समाधान करने की मांग की, ताकि सनातनियों की भावनाओं का सम्मान हो सके। उन्होंने कहा कि जैसे राम मंदिर का निर्माण हुआ, वैसे ही कृष्ण जन्मभूमि का भी होना चाहिए।
वक्फ बोर्ड पर तीखा प्रहार
देवकीनंदन ठाकुर का कहना है कि या तो वक्फ बोर्ड को खत्म किया जाए या फिर सनातन बोर्ड का गठन किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक वह शांत नहीं बैठेंगे। उत्तर प्रदेश महिला आयोग के फैसलों की सराहना करते हुए ठाकुर महाराज ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम सराहनीय हैं। उन्होंने टेलर और जिम ट्रेनर्स द्वारा की जा रही अनुचित हरकतों पर लगाम कसने की पहल की प्रशंसा की। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि, ‘कुछ लोग भविष्य के जिन्ना बनना चाहते हैं और इसलिए ऐसी भड़काऊ बातें करते हैं। यह देश केवल सनातनियों का है और जो सनातन धर्म का सम्मान करेगा, उसे ही यहां अधिकार मिलेंगे।’
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