(खबरें अब आसान भाषा में)
वैश्विक स्तर पर, भूमि स्वामित्व और शासन को मज़बूत करने में प्रगति होने के बावजूद, दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग यानि हर 4 में से 1 वयस्क, अगले 5 वर्षों में अपनी कुछ या पूरी भूमि और आवास सम्बन्धी अधिकार खोने के डर में जीवन जी रहे हैं.