“गरिमा के साथ बचपन: बाल श्रम के सभी रूपों का अन्त” विषय पर, हाल ही में, न्यूयॉर्क में यूुएन मुख्यालय में हुई एक विशेष बैठक में चर्चा हुई है. मालूम हुआ है कि दुनिया भर में 16 करोड़ बच्चे जबरन मज़बूरी के चक्र में फँसे हुए हैं, जिनमें 7.9 करोड़ बच्चे ख़तरनाक काम कर रहे हैं. सबसे अधिक प्रभावित 5 से 11 साल की उम्र के बच्चे हैं. चर्चा में कहा गया कि बाल श्रम सिर्फ़ सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि विकास, नीति और सुरक्षा की विफलता का मुद्दा भी है. इस चर्चा में बाल श्रम को व्यवस्थागत विफलता बताते हुए, इसके ख़िलाफ़ ठोस और सामूहिक कार्रवाई की अपील की गई…(वीडियो)