(खबरें अब आसान भाषा में)
Delhi Riots 2020 Case: शरजील इमाम ने कहा है कि बिना आरोप तय किए उन्हें लंबे समय से जेल में रखना न्याय से वंचित करने जैसा है। उनकी कई जमानत याचिकाएं 2022 से पेंडिंग हैं। उनका तर्क है कि मुकदमे में हो रही देरी ही राहत मिलने का सबसे बड़ा कारण होना चाहिए