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विकासशील देशों के समक्ष मौजूद कठिनाइयों और चुनौतियों के बावजूद, उनके बीच पारस्परिक सहयोग से समस्याओं के समाधान ढूंढे जा सकते हैं और वैश्विक विकास से जुड़े लक्ष्यों को साकार करने का मार्ग भी प्रशस्त हो सकता है. इस दिशा में दक्षिण-दक्षिण सहयोग पहल की अहम भूमिका है.