तुर्किये के पश्चिमोत्तर में स्थित ड्यूज़से के शान्त जंगलों में से नुरकान टेकनेची की असरदार कहानी सामने आती है. उन्होंने इस्तान्बुल के कॉरपोरेट जीवन को पीछे छोड़कर, मधुमक्खी-पालन को अपना पेशा बनाया. आज उनका काम केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने, जैव विविधता की रक्षा करने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की एक प्रेरक मिसाल बन चुका है. वर्ष 2026 में अन्तरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के अवसर पर, नुरकान की कहानी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण अहम भूमिका उजागर करती है. (वीडियो)