(खबरें अब आसान भाषा में)
कुछ मामलों में तो व्यक्ति की पहचान से जुड़े डेटा की चोरी के बाद फर्जीवाड़ा करने वाले फर्जी डॉक्युमेंट बना रहे हैं। आजकल प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी काफी एडवान्स हो गई हैं, जिससे असली और नकली का फर्क पता नहीं चलता है। धोखाधड़ी करने वाले इसका इस्तेमाल कर रहे हैं