डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के इस दौर ने रिश्तों और समाज, दोनों को बदल कर रख दिया है. सोशल मीडिया ने युवाओं को नए अवसर और आवाज़ दी है, लेकिन इसी के साथ बाल विवाह जैसी पुरानी समस्या भी एक नए रूप में सामने आ रही है. टैक्नॉलॉजी कभी जोखिम बढ़ाती है, तो कभी बचाव की शक्ति भी देती है. सही जानकारी, डिजिटल समझ के विकास और सहयोग के ज़रिए, यही साधन इस प्रथा का अन्त करने में सहायक भी साबित हो सकते हैं.