RBI का यह प्रस्ताव उस ड्राफ्ट अमेंडमेंट्स का हिस्सा है, जिसे केंद्रीय बैंक ने 6 मार्च को जारी किया। आरबीआई डिजिटल ट्रांजेक्शंस में कस्टमर की लायबिलिटी से जुड़े फ्रेमवर्क को रिव्यू कर रहा है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस बारे में 6 फरवरी को मॉनेटरी पॉलिसी पेश करने के दौरान ऐलान किया था