Telecom stocks : सरकार के इस कदम से सोसाइटी का अंदर बिना रुकावट के हाई स्पीड इंटरनेट देना संभव हो सकेगा। इससे टेलिकॉम ऑपरेटर और टेलीकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों को फायदा होगा। 100 से ज्यादा देश पहले ही 5925 – 6425 MHz बैंड की डी लाइसेंसिंग कर चुके हैं। डी – लाइसेंस करने का मतलब है कि कोई भी अब इस स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल मुफ्त में कर सकता है