सिर्फ शालू ही नहीं, बल्कि कई और भी जिंदा बचे लोगों ने भी उस बाढ़ के अपने अनुभव को याद किया, जिसमें कम से कम 60 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर तीर्थयात्री थे। बचाव दल के अनुसार, हालांकि कई लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। अचानक आई बाढ़ उस समय आई, जब तीर्थयात्री मचैल माता के हिंदू मंदिर की ओर पैदल यात्रा कर रहे थे