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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी देशों से आहवान किया है कि वे प्रकृति के साथ अपने सम्बन्धों पर मौलिक तरीक़े से पुन: विचार करें. उन्होंने आगाह किया कि जैवविविधता की हानि एक ऐसा वैश्विक संकट है, जिसे कोई भी देश नज़रअन्दाज़ नहीं कर सकता है.