महिलाएँ अतीत की तुलना में कहीं अधिक लम्बा जीवन तो जी रही हैं, मगर यह जीवन स्वास्थ्य कसौटी के नज़रिए से अब भी बेहतर नहीं है. दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं में प्रगति होने के बावजूद, महिलाओं के लिए समान और संवेदनशील इलाज अब भी एक चुनौती बना हुआ है. ग़लत निदान, चिकित्सा पूर्वाग्रहों और महिलाओं की पीड़ा को नज़रअन्दाज करने जैसी समस्याएँ यह दर्शाती हैं कि स्वास्थ्य प्रणाली अब भी पूरी तरह लैंगिक रूप से समान नहीं है.