सूत्रों के अनुसार, भारत के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त पैनल की इंटरनल जांच के बाद जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश करते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों को पत्र लिखा था। जांच में कथित तौर पर जज को दोषी ठहराया गया, लेकिन पैनल के नतीजों को सार्वजनिक नहीं किया गया