पिछले कई दशकों के दौरान सिमटते भूजल स्रोतों, अत्यधिक दोहन, भूमि क्षरण, बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से उपजी बाधाओं की वजह से, दुनिया अब जल संकट की अवस्था से आगे बढ़कर ‘वैश्विक जल दिवालिएपन’ की स्थिति में क़दम रख चुकी है. संयुक्त राष्ट्र शोधकर्ताओं द्वारा मंगलवार को जारी एक अहम रिपोर्ट में यह चेतावनी जारी की गई है.