जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे को बहाल करने का मुद्दा उठाएंगे। एसकेआईएमएस अस्पताल के 42वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में शामिल होने के बाद अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री महाराष्ट्र और झारखंड में चुनावों में व्यस्त थे। लेकिन अब उनके पास समय है, इसलिए इस मुद्दे को उठाया जाएगा ताकि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द बहाल किया जा सके।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या नेकां संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती पर अवकाश को बहाल किया जाएगा, मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कई चीजें हैं जिनकी वापसी की जरूरत है, लेकिन प्राथमिकता पहले इसका राज्य का दर्जा बहाल करना है।
जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर लड़ाई लड़नी- अब्दुल्ला
अब्दुल्ला ने कहा, ” कई अन्य तिथियां भी हैं, लेकिन हमें एक बड़ी लड़ाई लड़नी है। हमे जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर लड़ाई लड़नी है। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अपने वादे को पूरा करेंगे जो उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान जम्मू-कश्मीर की जनता से किया था।”
एसकेआईएमएस अस्पताल के महत्व पर अब्दुल्ला ने कहा कि इसे इसलिए बनाया गया है ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों को पीजीआई या एम्स जैसे अन्य तृतीयक देखभाल संस्थानों में जाने की जरूरत महसूस न हो।
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