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जान देने वाले छात्रों की संख्या में 4 फीसदी का इजाफा हो रहा है। यह स्थिति तब है, जब आत्महत्या के बहुत से मामले तो प्रकाश में ही नहीं आ पाते। IC3 इंस्टिट्यूट की ओर से तैयार रिपोर्ट का शीर्षक ‘छात्रों की आत्महत्या: भारत में बढ़ती एक महामारी’ है।