यह घोषणा उस समय की गई है जब बिहार में इस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। विपक्ष खासतौर पर इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इसे लेकर कई बार आलोचना की है और संकेत दिए हैं कि राज्य में होने वाले आगामी चुनावों का बहिष्कार किया जा सकता है