2021 में संसद को बताया गया था कि सरकारी संस्थानों में करीब 10 लाख सीसीटीवी कैमरे चीनी कंपनियों के हैं और इनसे जुड़ा वीडियो डेटा विदेशी सर्वरों पर भेजा जाता है, जहां डेटा की सुरक्षा को लेकर गंभीर कमियां पाई गई थीं। नए नियम अप्रैल से लागू हो चुके हैं। इनके अनुसार, अब चीन की हिकविजन, श्याओमी और दहुआ, दक्षिण कोरिया की हनवा और अमेरिका की मोटोरोला सॉल्यूशंस जैसी कंपनियों को अपने कैमरे भारत में बेचने से पहले सरकारी लैब में जांच के लिए जमा करने होंगे