(खबरें अब आसान भाषा में)
बीते कुछ महीनों से चीन में कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स—चाहे वो बबल टी हो या इलेक्ट्रिक कार (EV)—इतने सस्ते में बेच रही थीं कि वो अपनी लागत से भी नीचे जा रही थीं। सरकार को लगा कि इस तरह की प्रतिस्पर्धा से न सिर्फ बाजार अस्थिर हो रहा है, बल्कि छोटे व्यापारी और नई कंपनियां इसमें टिक नहीं पा रही हैं