फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन एजेंसी (UNRWA) के प्रमुख फ़िलिपे लज़ारिनी ने कहा है कि ग़ाज़ा में 18 मार्च को फिर शुरू हुए हमलों व बमबारी में हर दिन कम से कम 100 बच्चों की या तो जान जा रही है या फिर वे घायल हुए हैं. इस बीच, मानवीय सहायता आपूर्ति न हो पाने की वजह से ज़रूरतमन्द आबादी तक राहत पहुँचा पाना मुश्किल साबित हो रहा है.