इसराइली सेना जब ग़ाज़ा के किसी इलाक़े या शहर में दाख़िल होने या हमला करने से पहले लोगों को वहाँ से चले जाने यानि बेदख़ली का नया आदेश जारी करती है, तो फ़लस्तीनी लोगों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपना सामान समेटें और तेज़ी से वहाँ से निकल जाएँ. मगर ऐसे फ़लस्तीनी लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है जिनके लिए विकलांगता के कारण, इन बेदख़ली आदेशों का पालन करना सम्भव नहीं हो.