फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन एजेंसी (UNRWA) का कहना है कि ग़ाज़ा पट्टी और पूर्वी येरूशलम समेत पश्चिमी तट में उसके कर्मचारी, आम नागरिकों को अब भी सहायता मुहैया करा रहे हैं. इसराइली संसद द्वारा पारित क़ानून में यूएन एजेंसी की गतिविधियों पर पाबन्दी लगाने का प्रावधान है और यह 30 जनवरी से लागू हो गया है, जिसके बाद यह जानकारी दी गई है.