ग़ाज़ा में ईद, जश्न से अधिक रोज़मर्रा के संघर्ष का प्रतीक बन गई है. ईद अल-अदहा, परिवार के साथ मुलाक़ात करने, नए कपड़े पहनने और स्वादिष्ट भोजन का आनंद उठाने का एक अवसर है, मगर युद्ध और आर्थिक संकट के प्रभावों से जूझ रहे ग़ाज़ा पट्टी के बच्चों के लिए, यह त्योहार संघर्ष का एक और दिन लाया है. यहाँ की सड़कों पर बच्चे सड़कों पर कॉफ़ी और चॉकलेट बेचते दिख रहे हैं, कुछ भोजन का इन्तेज़ार कर रहे हैं, तो कई बच्चे पानी ढोते हुए नज़र आ रहे हैं…(वीडियो)