यूएन एजेंसियों का कहना है कि ग़ाज़ा में लगातार हो रहे हमलों में, जच्चा-बच्चा के लिए स्वास्थ्य सेवाएँ लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं. इसराइली हमले लगभग सारे अस्पतालों को तबाह कर रहे हैं, चिकित्सा सामान की आपूर्ति को काट रहे हैं, और प्रसव सम्बन्धी मौतों, गर्भपात होने और नवजात शिशुओं की मौतों के मामले बढ़ रहे हैं.